देशभर में मानसून ने एक बार फिर से जोर पकड़ लिया है और अब यह अपने सबसे आक्रामक रूप में नजर आने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 10 अगस्त से 16 अगस्त तक देश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र अगले कुछ दिनों में देश के उत्तर, पूर्व और दक्षिण हिस्सों में भारी तबाही ला सकता है।
क्यों हो रही है इतनी बारिश ?
13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव वाला सिस्टम बन रहा है, जो उत्तर भारत की ओर बढ़ेगा। इसके कारण उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड सहित कई राज्यों में तेज बारिश और 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
उत्तर भारत में खतरे की घंटी:
उत्तर प्रदेश: 10 से 15 अगस्त तक पूर्वांचल और मध्य यूपी में भारी से अति भारी बारिश। जलभराव और बिजली गिरने की घटनाओं की चेतावनी।
उत्तराखंड: 11 से 14 अगस्त तक देहरादून, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में भारी बारिश के साथ भूस्खलन और सड़कों के बंद होने की संभावना।
दिल्ली-NCR: 10 से 15 अगस्त के बीच तेज बारिश के साथ गरज-चमक और ट्रैफिक जाम की आशंका।
बिहार और झारखंड में भी खतरे का अलर्ट:
12-13 अगस्त को इन राज्यों में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत भी निशाने पर:
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश: 11 से 15 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी।
तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु: 13 से 16 अगस्त तक मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान।
संभावित खतरे:
निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा।
उत्तराखंड, पूर्वोत्तर राज्यों में भूस्खलन की आशंका।
बिहार, झारखंड, ओडिशा में आकाशीय बिजली का कहर।
कृषि पर असर, खरीफ फसलों को भारी नुकसान की संभावना।
IMD और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की अपडेट पर नजर रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें।



